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यूपी पुलिस का सिपाही भी है सुंदर भाटी गिरोह का सदस्य, गैंगस्टर एक्ट में भी रह चुका है आरोपी

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उत्तर प्रदेश पुलिस का एक सिपाही भी सुंदर भाटी के गैंग का सदस्य है। इस पर गौतमबुद्ध नगर जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गैंगस्टर एक्ट भी लगाया जा चुका है। यह सिपाही ही आईपीएस ‘गुरु जी’ और सुंदर भाटी के बीच की अहम कड़ी माना जा रहा है, जिसने दोनों की पहली मुलाकात कराई थी और यह मुलाकात गाजियाबाद में हुई थी।

सुंदर भाटी गैंग से संबंध रखने के आरोप में एक आईपीएस अधिकारी ‘गुरु जी’ के खिलाफ लखनऊ में एसआईटी ने जांच शुरू की है और इस मामले में अहम खुलासे हो रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुंदर भाटी के गैंग में उत्तर प्रदेश पुलिस का एक सिपाही सक्रिय सदस्य है।

बकायदा सरकारी रिकॉर्ड में उसे गैंग का सक्रिय सदस्य बताया गया है। 30 दिसंबर 2019 को गौतमबुद्ध नगर जिले के एसएसपी और जिलाधिकारी द्वारा उस पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया जा चुका है। इस दिन उसके साथ ही गैंग के 54 सदस्यों पर एक साथ गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। यह सिपाही मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला है और महकमे में खासा सुर्खियों में रहा है।

तीन साल पहले नोएडा में पुलिस की उगाही के रेट सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में भी इस सिपाही का नाम चर्चाओं में आ चुका है। उस पर विभिन्न आरोप लगने के बाद उसके खिलाफ आईजी एसटीएफ द्वारा भी जांच की जा चुकी है और उनकी रिपोर्ट के बाद ही उसका तबादला बलिया किया गया था। पुलिस अधिकारियों की मानें तो अभी बलिया में भी उक्त सिपाही निलंबित ही चल रहा है। उसके खिलाफ जांच चल रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सिपाही ने ही कराई थी ‘गुरु जी’ और सुंदर भाटी की मुलाकात

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुंदर भाटी और आईपीएस ‘गुरु जी’ की पहली मुलाकात गाजियाबाद में हुई थी और यह मुलाकात भी इसी सिपाही ने करायी थी। उस दौरान यह सिपाही भी गाजियाबाद में ही तैनात था। आरोप तो यह भी है कि उस दौरान वह गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में होने वाले लोहे के सारे काले कारोबार को भी संभालता था।

गुरुग्राम में हुए हत्याकांड में भी सिपाही आरोपी रह चुका

गुरुग्राम में वर्ष 2011 में हुए एक हत्याकांड का आरोप सुंदर भाटी गैंग पर था। इस हत्याकांड में दर्ज हुए मुकदमे में सुंदर भाटी के गैंग के सदस्यों के साथ उक्त सिपाही भी नामजद था। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि, यह मामला बाद में कोर्ट में जाकर समाप्त हो गया था और आरोपी छूट गए थे।